VINDHYA TALKS

BAATE VINDHYA SE

रीवा सांसद का पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर बड़ा आरोप, वोट चोरी का उठा मुद्दा

रीवा। वोट चोरी के मुद्दे पर देशभर में सियासी घमासान चल रहा है, मध्य प्रदेश में भी इस मुद्दे पर लगातार राजनीति देखने को मिल रही है. इस बीच रीवा से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने फर्जी वोटिंग को लेकर अपने एक बयान में मध्य प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस नेता स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी पर बड़ा आरोप लगाया है. जिससे सियासी मामला गर्मा गया है. सांसद का कहना है कि उनके जमाने में एक-एक घर में 1000 वोट होते थे, जिस पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी तंज कसा है. बता दें कि रीवा सांसद ने श्रीनिवास तिवारी पर आरोप लगाया है, जिनके पोते सिद्धार्थ तिवारी भी बीजेपी से विधायक हैं.

रीवा सांसद का बयान

दरअसल, एक कार्यक्रम में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा ‘एमपी के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के जमाने में एक कमरे में एक 1000 वोट होते थे.’ उन्होंने यह दावा भी कर दिया कि श्रीनिवास तिवारी फर्जी वोटिंग से चुनाव जीता करते थे. रीवा सांसद का यह वीडियो आने के बाद रीवा से भोपाल तक सियासी हलचल मच गई, क्योंकि वह पहले भी स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी को लेकर बयान दे चुके हैं, उनके बयानों पर उनकी ही पार्टी के विधायक और श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी ने नाराजगी जताई थी, उस वक्त सिद्धार्थ ने इस मुद्दे की शिकायत बीजेपी के पार्टी फोरम पर की थी.

विधायक जता चुके हैं नाराजगी

2024 में रीवा के सुभाष चौराहे पर बने ओवरब्रिज के लोकार्पण में रीवा सांसद ने कहा था ‘जब श्रीनिवास तिवारी यहां के नेता थे, तब गड्ढों में सड़क हुआ करती थी, जबकि लोग उनको दैयू यानि देवता कहा करते थे. रीवा सांसद के इस बायन पर बीजेपी विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने विरोध जताया था. उन्होंने कहा ‘अगर मुझसे किसी तरह की समस्या हैं तो मुझे बताएं, लेकिन दादा नाम अब न घसीटें’ बता दें कि सिद्धार्थ तिवारी 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने त्योंथर विधानसभा सीट पर बीजेपी के टिकट से चुनाव जीता था.

एमपी के विधानसभा अध्यक्ष थे श्रीनिवास तिवारी

स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी मध्य प्रदेश में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे. वह 1993 से 2003 तक लगातार 10 मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रह थे. वह विंध्य और रीवा में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते थे. उनका पूरा परिवार राजनीति में एक्टिव था, जहां उनके बेटे और पोते भी सांसद-विधायक रह चुके हैं. श्रीनिवास तिवारी का निधन 91 साल की उम्र में 19 जनवरी 2018 को हुआ था. फिलहाल श्रीनिवास तिवारी की सियासी विरासत को उनके पोते सिद्धार्थ तिवारी संभाल रहे हैं. हालांकि वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी से विधायक हैं.

जीतू पटवारी ने साधा निशाना

वहीं रीवा सांसद जर्नादन मिश्रा के बयान पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इस बयान से बीजेपी की आंतरिक गुटबाजी और दोहरे चरित्र सामने आया है. जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा ‘रीवा से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा कह रहे हैं कि 1000 वोट थे 1100 वोट निकले थे, इसकी जांच उन्होंने खुद की थी.’ बता दें कि वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साध रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *